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साधुओं की रक्षा और धर्म की स्थापना
भगवान का अवतार साधुओं की रक्षा, अधर्म के विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए होता है।
जीवन में उपयोग: जीवन में सद्गुणों की रक्षा और बुराइयों का त्याग करके धर्म की स्थापना अपने भीतर से आरम्भ करनी चाहिए।