योगी तपस्वियों, ज्ञानियों और कर्मियों से श्रेष्ठ है
योगी केवल तप, शास्त्रीय ज्ञान या कर्मकाण्ड तक सीमित नहीं रहता। वह ईश्वर से जुड़कर जीवन को रूपांतरित करता है, इसलिए वह इन सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
जीवन में उपयोग: केवल जानकारी, बाहरी अनुशासन या कर्मकाण्ड पर्याप्त नहीं हैं। जीवन में ज्ञान, साधना और ईश्वर से जुड़ाव का समन्वय विकसित करना चाहिए।