जो प्रेम सँभालता है, उसे अधिकार की ज़रूरत नहीं।
विवाह पर भगवद्गीता के उद्धरण
3 उद्धरण – पढ़ें, मनन करें और साझा करें
भगवद्गीता से लिए गए उद्धरण 3 उद्धरण, हर एक अपने श्लोक से जुड़ा।
वैवाहिक जीवन से जुड़े भगवद्गीता के उद्धरण पाएँ, जो गीता की निःस्वार्थ प्रेम, धैर्य, विनम्रता और जीवनसाथी के साथ साझा कर्तव्य की शिक्षाओं पर आधारित हैं।
सभी 3 उद्धरण
निकट संबंध वहाँ सबसे मजबूत होते हैं जहाँ क्षमा सरल होती है।
अपने मूल्यों के अनुरूप प्रेम एक पावन शक्ति है।
गीता में कहाँ
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