सम्पूर्ण कर्मों की सिद्धि के पाँच कारणों को जानने का उपदेश
किसी भी कर्म की सिद्धि केवल कर्ता के प्रयास पर निर्भर नहीं होती। भगवान् सांख्य-शास्त्र के अनुसार उसके पाँच कारणों को समझने का निर्देश देते हैं, ताकि कर्तापन का अहंकार शिथिल हो सके।
जीवन में उपयोग: किसी कार्य की सफलता या असफलता को केवल अपने प्रयास का परिणाम न मानें, बल्कि उसके पीछे काम करने वाले सभी कारणों को समझने का दृष्टिकोण विकसित करें।