अर्जुन का कथन — मन अत्यन्त चंचल और वश में करना कठिन है
मन स्वभाव से चंचल, प्रबल और हठी है। केवल इच्छा से नहीं, बल्कि उचित साधना और अभ्यास से ही उसे नियंत्रित किया जा सकता है।
जीवन में उपयोग: यदि मन बार-बार भटकता है तो स्वयं को दोष देने के बजाय यह समझें कि मन का प्रशिक्षण एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जिसके लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है।