गीता की मूल अवधारणाओं पर उद्धरण

कर्म, धर्म, योग, आत्मा और भक्ति जैसी गीता की मूल अवधारणाओं पर छोटे उद्धरण।

कर्मयोग644 ज्ञानयोग523 तीन गुण443 भक्तियोग423 ईश्वर का स्वरूप382 आध्यात्मिक अनुशासन361 आत्मा342 समत्व276 यज्ञ259 मन का संयम254 ब्रह्म252 गुरु242 ध्यानयोग237 विश्वरूप236 स्थिर प्रज्ञा233 ईश्वरीय कृपा227 प्रकृति226 मुक्ति221 अनासक्ति219 इंद्रिय-संयम214 श्रद्धा211 कर्म202 दैवी और आसुरी प्रकृति192 धर्म184 ध्यान177 निष्काम कर्म175 भगवान170 समर्पण166 आत्मज्ञान165 मृत्यु और पुनर्जन्म155 आध्यात्मिक अनुभूति142 माया133 कर्मफल का त्याग127 स्वधर्म105 भगवान का स्मरण104 आत्मा का स्वरूप100 ज्ञानी के लक्षण84 त्याग74 आध्यात्मिक ज्ञान72 क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ72 अकर्म68 पुरुष68 भक्त के लक्षण60 संन्यास36 कर्म और अकर्म32 गुणों से परे अवस्था30 पुनर्जन्म26 त्याग और समर्पण16 ज्ञान और विवेक13 ईश्वर-साक्षात्कार10 भक्ति4 विकर्म4
भगवद्गीता के उद्धरण