एक स्थान पर अनेक रूपों में विभक्त संपूर्ण जगत का दर्शन
जगत की अनेकता में भी एकता है; सारी विविधता भगवान के एक ही स्वरूप में स्थित है।
जीवन में उपयोग: विविध लोगों, परिस्थितियों और विचारों के बीच एकत्व का भाव रखें; इससे संघर्ष घटता है और समन्वय बढ़ता है।