हजार सूर्यों के तेज से भी अनुपम विराट रूप की आभा
भगवान के विराट रूप का तेज इतना अनुपम है कि हजार सूर्यों का एक साथ प्रकाश भी उसकी एक अधूरी उपमा भर बन पाता है।
जीवन में उपयोग: अपनी उपलब्धियों और सामर्थ्य पर अहंकार करने के बजाय स्मरण रखें कि सभी तेज और शक्ति का मूल परमात्मा है।