क्रोध से मोह, स्मृतिभ्रम, बुद्धिनाश और विनाश
क्रोध विवेक को ढक देता है और क्रमशः मोह, स्मृतिनाश तथा बुद्धिनाश के द्वारा मनुष्य को पतन तक पहुँचा देता है।
जीवन में उपयोग: क्रोध उठते ही प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें, क्योंकि उसी क्षण आपके विवेक और निर्णय की क्षमता सबसे अधिक संकट में होती है।