मन भगवान् में लगाओ, भक्त बनो, पूजन करो और नमन करो
मन को भगवान् में स्थिर करो, उनके भक्त बनो, उनकी पूजा करो और उन्हें नमन करो; इस प्रकार स्वयं को उनमें लगाकर उन्हीं के परायण होने वाला साधक भगवान् को ही प्राप्त होता है।
जीवन में उपयोग: दिन की शुरुआत और अंत भगवान् के स्मरण से करें, कार्य के बीच भी मन को बार-बार उनकी ओर लौटाएँ और विनम्रता के साथ नमन का अभ्यास करें।