गोपनीय से भी अधिक गोपनीय ज्ञान बताकर भगवान् अर्जुन को पूर्ण विचार कर स्वयं निर्णय लेने की स्वतंत्रता देते हैं
भगवान् अर्जुन को गोपनीय से भी अधिक गोपनीय ज्ञान प्रदान कर चुके हैं और अब उसे स्वयं गहराई से विचार करने तथा अपनी इच्छा से निर्णय लेने की स्वतंत्रता देते हैं। यह श्लोक विवेकपूर्ण स्वतंत्र निर्णय की गरिमा को स्थापित करता है।
जीवन में उपयोग: किसी भी उपदेश को अंधाधुंध न मानें और न अस्वीकार करें; उसे पूरी तरह समझें, विचार करें और फिर अपने विवेक से निर्णय लें।