असंयमी के लिए योग कठिन, संयमी के लिए साध्य है
जिसका मन असंयमित है उसके लिए योग अत्यन्त कठिन है, परन्तु आत्मसंयमी और निरन्तर प्रयत्न करने वाला साधक उचित साधनों से योग को अवश्य प्राप्त कर सकता है।
जीवन में उपयोग: किसी भी महान लक्ष्य की प्राप्ति प्रतिभा से अधिक आत्मसंयम, नियमित अभ्यास और निरन्तर प्रयास पर निर्भर करती है।