अभ्यास और वैराग्य से मन को वश में किया जा सकता है
मन निस्संदेह चंचल और कठिनता से वश में होने वाला है, किन्तु निरन्तर अभ्यास और वैराग्य के द्वारा उसे नियंत्रित किया जा सकता है।
जीवन में उपयोग: बुरी आदतों, विचलित मन या नकारात्मक विचारों से लड़ने के लिए केवल इच्छाशक्ति पर्याप्त नहीं है। नियमित अभ्यास और अनावश्यक आसक्तियों से दूरी दोनों आवश्यक हैं।