ब्रह्मरूप यज्ञ की अद्वैत दृष्टि
ब्रह्मदृष्टि प्राप्त साधक सम्पूर्ण जगत और समस्त कर्मों में एक ही परम सत्य का अनुभव करता है तथा ब्रह्म को ही प्राप्त होता है।
जीवन में उपयोग: भेदभाव और अलगाव की भावना को कम करके सभी में एकता, सम्मान और दिव्यता को देखने का अभ्यास करना चाहिए।